Tuesday, 25 July 2017

3. झील


ठहरे हुए पानी में कंकर ना मार सांवरे; प्रकृति का ये नज़ारा हो और शहर की चिलम पों से दूर; बस तो आप सिर्फ अपनी सांसो की आवाज और प्रकृति की इस सुन्दरता को महसूस करे 

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