Tuesday, 25 July 2017

11. मेरे मार्गदर्शक



मेरे सातताल के मार्गदर्शक जिन्होंने मुझे समझाया की पहाड़ देखने में जितने खूबसूरत है; वहा जिन्दगी उतनी ही दूभर है; जहा ये खड़े है उस से भी पहले से पानी भरकर और ऊपर अपने गाँव ले जायेंगे; पर अच्छी  बात ये की दोनों पढने भी जाते थे 

No comments:

Post a Comment